उत्तराखण्ड

अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर विधिक साक्षरता शिविर हुआ आयोजित

भ्रष्टाचार निवारण के कानूनी प्रावधानों की दी गयी विस्तृत जानकारी

पौड़ी- अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर सभागार कक्ष में मंगलवार को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नालसा थीम “एक मुट्ठी आसमान” के अंतर्गत लोकपाल तथा अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस से संबंधित लघु वीडियो प्रदर्शित की गयी।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नाजिश कलीम ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस हर वर्ष 9 दिसंबर को भ्रष्टाचार के प्रति जागरुकता बढ़ाने और इसके विरुद्ध वैश्विक प्रयासों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने भ्रष्टाचार के विभिन्न रूप रिश्वत, गबन, भाई-भतीजावाद की जानकारी देते हुए इसके दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी। साथ ही भारत में लागू प्रमुख कानूनी ढाँचों जैसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013, केंद्रीय सतर्कता आयोग तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी संस्थाओं के संबंध में भी जानकारी प्रदान की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य कानूनी प्रावधानों को समझाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना तत्काल संबंधित विभागों एवं हेल्पलाइन पर दें तथा भ्रष्टाचारमुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।

इसके अलावा कार्यक्रम में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और रोकथाम के उपायों पर भी जानकारी दी गयी। साथ ही किसी भी कानूनी सहायता के लिए नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 तथा भ्रष्टाचार शिकायतों हेतु हेल्पलाइन 1064 के उपयोग के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। शिविर में लगभग 75 कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद ए. वाहिद, सीनियर डिवीजन सिविल जज अमित भट्ट, सिविल जज प्रतीक्षा केसरवानी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतीक मधेला, मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता कमल प्रसाद बमराड़ा, उप रक्षा अधिवक्ता महेश कॉलोनी, सहायक विधिक सहायता अधिवक्ता विनोद कुमार, रिटेनर अधिवक्ता कुसुम नेगी, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव गजेंद्र सिंह रावत सहित अन्य उपस्थित रहे।

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