टीएचडीसी टनल हादसे में 7 की मौत, 3 लापता, सीएम ने बचाव एवं राहत कार्यों का लिया जायजा

घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
गोपेश्वर। चमोली जिले के मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा और पानी भरने से हुए हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। हादसे में 7 कर्मियों की मौत हुई है, जबकि 3 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 12 घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में चल रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने टनल के अंदर जाकर बचाव कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और रेस्क्यू टीमों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनल में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों और तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल किया जाए।
बताया गया कि यह टनल टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना के तहत बनाई जा रही है। टीआरटी टनल की कुल लंबाई करीब 3 किलोमीटर है। इसमें लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण अचानक मलबा और पानी भर गया, जिससे वहां मौजूद कर्मी फंस गए।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि टनल में कुल 22 लोग फंसे थे। इनमें से 19 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जबकि तीन लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
रेस्क्यू किए गए घायलों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और अन्य बचाव दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक उपलब्ध संसाधन का इस्तेमाल करते हुए फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया जाए।
घटनास्थल पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री हरक सिंह, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी समेत जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बचाव दलों के सदस्य मौजूद रहे।



