फर्जी डेटिंग एप के जरिए बुजुर्ग को डिनर पर बुलाया, मोबाइल चुराकर 1.30 लाख की ठगी; दो महिलाएं गिरफ्तार

दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि दो महिलाओं ने फर्जी डेटिंग एप प्रोफाइल के जरिए 67 वर्षीय बुजुर्ग से संपर्क किया और उसे डिनर के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान दोनों ने कथित तौर पर बुजुर्ग का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके बाद उनके दो बैंक खातों से यूपीआई के माध्यम से करीब 1.30 लाख रुपये निकाल लिए गए। रकम निकालने के बाद सबूत मिटाने के लिए मोबाइल फोन को भी नष्ट कर दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में ज्योत्सना और मानसी नाम की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। दोनों दिल्ली की रहने वाली बताई गई हैं। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग ने 25 जुलाई को ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि डेटिंग एप के जरिए उनकी एक महिला से बातचीत शुरू हुई थी। बाद में बातचीत टेलीग्राम पर होने लगी। इसके बाद दोनों महिलाओं से 20 और 24 जुलाई को मुलाकात हुई।
दूसरी मुलाकात के दौरान डिफेंस कॉलोनी स्थित एक रेस्तरां में डिनर के बाद बुजुर्ग का मोबाइल फोन गायब हो गया। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनके बैंक खातों से यूपीआई के जरिए 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंकिंग ट्रांजेक्शन की पड़ताल की गई तो ठगी की रकम पहले एक आरोपित के बैंक खाते में पहुंचने और फिर दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जाने का पता चला। कुल रकम में से करीब 90 हजार रुपये एटीएम के जरिए निकाले गए थे।
पुलिस टीम ने एटीएम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो महिलाओं को कथित तौर पर रकम निकालते हुए देखा गया। इसके बाद तकनीकी निगरानी और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस दोनों तक पहुंची।
पूछताछ में पुलिस को आरोपितों के कथित तौर-तरीके के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, ज्योत्सना ने फर्जी पहचान के साथ डेटिंग एप पर प्रोफाइल बनाई और बुजुर्ग से संपर्क किया। इसके बाद उसने अपनी साथी मानसी को भी योजना में शामिल कर लिया।
पुलिस का आरोप है कि मानसी ने डेटिंग प्रोफाइल वाली महिला बनकर बुजुर्ग से मुलाकात की, जिससे उन्हें लगा कि वे उसी महिला से मिल रहे हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन बातचीत हुई थी। इसी दौरान मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर की गई।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि बैंक खातों से रकम निकालने के बाद आरोपितों ने चोरी किए गए मोबाइल फोन को नष्ट कर दिया था। पुलिस का मानना है कि ऐसा इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिटाने के उद्देश्य से किया गया।
साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह की वारदातों में उनका कोई अन्य साथी भी शामिल था या नहीं।




